बिजली कंपनी की जमीन पर चल रहे हैं स्कूल
संचालक व डीईओ के अलग अलग दावे
कोरबा के कोहड़िया क्षेत्र में 2
निजी स्कूल बिजली कम्पनी की जमीन पर संचालित हो रहे है। इनमें 4 कमरों में सैंकड़ों बच्चों को पढ़ाने के 8 व्यवस्था की गई है। संचालन करने वाले और शिक्षा विभाग के इस बारे में अलग अलग तर्क हैं।कोहड़िया का ये वो इलाका है जहां निजी स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। खबर के अनुसार मौके की जमीन सीएसईबी की है। लंबे समय से इस जमीन और स्कूल चल रहै है। एक संचालक ने बताया कि मौके पर पहले हमारी झोपड़ी थी जिसे तोड़कर स्कूल चलाया जा रहा है। स्कूल के शिक्षक ने बताया कि इस सत्र में कल 96 विद्यार्थी यहां पर दर्ज हैं जिनमें से कुछ आरटीई के तहत लिए गए हैं । आर्थिक रूप से कमजोर कई विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्यापन कराया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय ने बताया कि एक प्रक्रिया के तहत स्कूल संचालक के लिए आवेदन किए जाते हैं। परीक्षण के बाद इनमें अनुमति और मान्यता दी जाती है।जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अगर किसी उपक्रम की जमीन पर स्कूल चल रहा है और प्रबंधन की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया है तो अनुमति का आधार बनता है।कोहड़िया क्षेत्र में सीएसईबी की जमीन पर बेजा कब्जा का खेल काफी समय से चला आ रहा है। काफी संख्या में लोगों ने मौके पर मकान बना लिए। इसी होड़ में निजी स्कूल का संचालन शुरू हो गया। लेकिन जो तर्क शिक्षा विभाग दे रहा है, उससे लगता है कि नियम काफी लचीले हैं या सुविधा के हिसाब से लचीले कर दिए गए हैं।




