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कौशल्या धाम में उमडा भक्तों का सैलाब.दीवारों पर अंकित है संपूर्ण रामचरितमानस.ऐसा धाम जगत में नहीं होगा कोई दूसरा.देखिए वीडियो…

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कोरबा .रामलाल को गोद में लेकर मंदिर में विराजित माता कौशल्या का दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्ति कौशल्या धाम पहुंचे। दर्शन के पश्चात जब इस विषय में किसी से पूछा जाता है कि कैसा लगा मंदिर तो लोग भावुक हो जाते हैं उनके मुंह से शब्द बड़ी मुश्किल से निकलता है की निर्माण का और उसके पीछे छिपी भावना का कोई जवाब नहीं

छत्तीसगढ़ की ऊर्जा धानी कहे जाने वाले कोरबा में माता कौशल्या का भव्य मंदिर लोगों की श्रद्धा का केंद्र बन गया है। अंग्रेजी नव वर्ष के प्रथम दिवस यहां हजारों हजार लोग रामलाल को अपनी गोद में लेकर मंदिर में विराजित माता कौशल्या का दर्शन करने पहुंचे।

कौशल्या धाम और भवानी मंदिर की पुजारी माता श्रीमती ज्योति पांडे ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण का संकल्प उनके गुरु जगतगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने दिलाया था। मंदिर के निर्माण में 14 वर्ष लग गए। उनसे जब पूछा गया कि भगवान राम भी 14 वर्ष तक वनवास में रहे क्या उसके कारण अपने 14 वर्ष का समय निर्धारित किया था तब उन्होंने बताया कि महज इत्तेफाक है।

माता ज्योति पांडे ने बताया की मंदिर में संगमरमर पर गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस के सातों कांडों को उकेरा गया है।
श्री रामचरितमानस को अक्षरशः मंदिर में उतारने के अलावा जो चित्र बनाए गए हैं वह भी चित्र को हर लेने के लिए पर्याप्त हैं

हसदेव नदी के तट पर बने कौशल्या मंदिर को धाम का दर्जा दिलाने के लिए जगतगुरु रामभद्राचार्य जी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी निर्देशित किया था। मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति भी जताई है वह अपनी सहमति पर कब अमल करेंगे यह तो वक्त बताएगा लेकिन श्री राम भक्तों ने इस परिसर को इसकी भव्यता के कारण धाम मानना शुरू कर दिया है । यहां उमड़ती भीड़ और सबकी आंखों में तैरता श्रद्धा भाव स्थल को धाम बना ही देता है ।

गौर तलब है की मंदिर की पुजारी श्रीमती ज्योति पांडे के पिता स्वर्गीय भूपाल प्रसाद द्विवेदी धर्म शास्त्रों के उद्भट विद्वान थे । उनके अनुयाई छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे भारत में है। उनकी प्रेरणा से ही इस मंदिर का निर्माण श्रीमती ज्योति पांडे ने कराया है।