बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में रहने वाले कुछ नाबालिगों और युवकों के सिर पर ‘Mahindra Thar’ खरीदने का भूत इस कदर सवार हुआ कि उन्होंने अपने ही घर को साफ करने की योजना बना डाली। लेकिन इस कहानी में ट्विस्ट तब आया जब चोरों के गिरोह में शामिल दोस्तों ने ही एक-दूसरे को चूना लगा दिया।
असली जेवर के बदले ‘नकली’ का खेल
योजना के मुताबिक, गिरोह के एक युवक ने हिम्मत दिखाई और अपने ही घर से असली सोने के जेवर चुरा लाया। तय यह हुआ था कि बाकी दोस्त भी अपने घरों से जेवर लाएंगे। लेकिन बाकी दोस्त ज्यादा शातिर निकले; उन्होंने असली जेवर की जगह नकली (आर्टिफिशियल) जेवर लाकर रख दिए। बेचारा मुख्य आरोपी युवक इस धोखे से बेखबर रहा और सभी ने मिलकर उन जेवरों को ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली।
प्रियांशु का ‘कमीशन’ और गांधी चौक का कनेक्शन
जेवर बेचने की जिम्मेदारी कोतवाली क्षेत्र के प्रियांशु नामक युवक को सौंपी गई। प्रियांशु ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से गांधी चौक स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर इन जेवरों का सौदा किया।
लाखों के जेवर महज 4 लाख रुपये में बेच दिए गए
युवकों को जेवर की वास्तविक कीमत से बहुत कम रकम दी गई, जिसमें प्रियांशु और उसके साथियों ने अपना हिस्सा भी साफ कर लिया।
ऐसे खुला राज: जब घर में मची खलबली
चोरी का यह गुब्बारा तब फूटा जब परिवार वालों को घर से जेवर गायब होने का अहसास हुआ। जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो ‘थार’ खरीदने का सपना देख रहा बेटा टूट गया और उसने पूरी साजिश उगल दी।
पुलिस की एंट्री
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या के मुताबिक, मामला दर्ज होते ही पुलिस एक्शन में आई। एक युवक के पिता ने तो खुद आगे बढ़कर पुलिस को जानकारी दी और खरीदार से जेवर वापस मंगाकर पुलिस के हवाले कर दिए




