CG में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी: ट्रेनिंग के बहाने युवतियों को बनाया बंधक, जानिए एक कॉल ने कैसे खोला ठगी के गिरोह का राज

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बिलासपुर।  न्यायधानी के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवतियों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोरबा जिले की युवतियों को 60 साल तक की पक्की सरकारी नौकरी का झांसा देकर न सिर्फ उनसे हजारों रुपये ऐंठे गए, बल्कि उन्हें फर्जी ट्रेनिंग के नाम पर एक तरह से कैद कर लिया गया था।

वसूली और फर्जी ट्रेनिंग का खेल

कोरबा निवासी प्रार्थिया कमला बाई श्याम ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपी श्याम, धीरू और उनके अन्य साथियों ने उनकी बेटी शशी श्याम और उसकी सहेलियों (परमेश्वरी, क्रांति सिंह और नगमा खान) को जाल में फंसाया। आरोपियों ने युवतियों को भरोसा दिलाया कि उनकी 60 साल तक के लिए सरकारी नौकरी पक्की हो जाएगी। इस नाम पर अलग-अलग किस्तों में नगद और फोन-पे के जरिए कुल 78,000 रुपये वसूल लिए गए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने युवतियों को बिलासपुर बुलाकर एक फर्जी ट्रेनिंग सेंटर में रखा, जहां उन्हें गुमराह किया जा रहा था।

ऐसे खुला राज

इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब शशी श्याम ने किसी तरह छिपकर अपनी मां को फोन किया। उसने रोते हुए बताया कि कंपनी के लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया है और उन्हें वहां से जाने नहीं दिया जा रहा है। घबराए परिजनों ने तुरंत बिलासपुर पहुंचकर सिरगिट्टी पुलिस से मदद मांगी।

पुलिस ने युवतियों को छुड़ाया

सिरगिट्टी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी मदद से लोकेशन का पीछा किया और संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से शशी और उसकी सहेलियों को सुरक्षित बरामद किया। जांच में पता चला कि आरोपियों ने बाकायदा एक गिरोह बना रखा था जो ग्रामीण और सीधे-साधे बेरोजगारों को निशाना बनाता था।

सिरगिट्टी पुलिस ने कमला बाई की लिखित शिकायत पर आरोपी श्याम, धीरू और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के शिकार हुए अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुट गई है।