सदियों पुरानी परंपरा को रखा है जीवित
एक गांव ऐसा जहां आज भी होती है बेलन से धान की मिसाई
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा ब्लॉक का एक गांव आज भी अपनी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए है। हालांकि इसमें उन्हें श्रम काफी करना पड़ता है बावजी इसके वह अपनी परंपरा को छोड़ नहीं पा रहे हैं हम बात कर रहे हैं ग्राम कटघरी की, जहां आधुनिक मशीनों के दौर में भी किसान आज भी बेलन से धान का मिसाई कर रहे हैं। ग्रामीण किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर या थ्रेशर मशीन से मिसाई कराने में ज्यादा खर्च आता है, जो उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में वे अपने पुराने रीति-रिवाज को अपनाते हुए बेलन के माध्यम से धान की मिसाई करते हैं, जिससे उनका खर्च भी बचता है और परंपरा भी बनी रहती है। कटघरी गांव की यह अनोखी पहल न सिर्फ आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि यह दिखाती है कि आज भी ग्रामीण भारत अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है।




