प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी हो सकता था, सो मैंने आने से मना किया : लोकसभाध्यक्ष

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ब्रेकिंग न्यूज : प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी हो सकता था, सो मैंने आने से मना किया : लोकसभाध्यक्षFB IMG 1770294153243 FB IMG 1770294151141

 

नई दिल्ली | लोकसभा में बुधवार को हुए अभूतपूर्व हंगामे के बाद स्पीकर ओम बिरला ने एक बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। स्पीकर ने गुरुवार को कहा कि सदन के भीतर जिस तरह का माहौल था, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई भी ‘अप्रिय घटना’ घट सकती थी। इसी सुरक्षा जोखिम के कारण उन्होंने खुद प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी।वहीं 2014 के बाद पहली बार बिना पीएम के संबोधन हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सदन में पारित कर दिया गया।विपक्ष की मांग है कि जब तक राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाएगा तब तक पीएम को भी नहीं बोलने देंगे।

0 लोकतंत्र की मर्यादा दांव पर

लोकसभा अध्यक्ष ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “कल सदन के इतिहास में वो हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ था। विपक्षी महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गई थीं। अगर वहां कोई अनहोनी हो जाती, तो भारतीय लोकतंत्र की परंपराएं तार-तार हो जातीं। मैंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएम से आग्रह किया कि वे सदन में न आएं, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।”

0 बैनर-पोस्टर लेकर पीएम की कुर्सी घेरी

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्षी महिला सांसद हाथों में ‘जो सही है, वो करो’ लिखे हुए बड़े बैनर लेकर प्रधानमंत्री की खाली कुर्सी के इर्द-गिर्द जमा हो गईं। ये सांसद मंगलवार को हुए 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं।

0 कार्यवाही हुई स्थगित

सदन के भीतर बढ़ते तनाव और प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भांपते हुए तत्कालीन पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया। इस हंगामे की वजह से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री का बहुप्रतीक्षित धन्यवाद प्रस्ताव संबोधन भी टल गया।

0 स्पीकर की सख्त चेतावनी

ओम बिरला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन में पोस्टर और बैनर लेकर आना और प्रधानमंत्री की सीट का घेराव करना कतई उचित नहीं है। यह सदन की गरिमा के खिलाफ है और ऐसी घटनाओं से देश की छवि धूमिल होती है।