
एसईसीएल की दीपका परियोजना की ठेका कंपनी कलिंगा के एक कर्मचारी की संदिग्ध मौत हो गई। बीती रात हुई मौत से आक्रोशित परिजनों और सहकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया। आरोप लगाया जा रहा है कि कलिंगा प्रबंधन की मनमानी चरमोत्कर्ष पर है।इस कंपनी को अपने फायदे से मतलब है कर्मचारी की जिंदगी इसके लिए कोई मायने नहीं रखती
दीपका खदान में कलिंगा कंपनी में कार्यरत एक युवा श्रमिक जुराखन जांगड़ा 32 वर्ष की बीती रात काम करते समय संदिग्ध मौत हो गई। रात लगभग 9:30 बजे युवक काम करने पहुंचा था। पूरी तरह स्वस्थ जुरखन की मौत की खबर जैसे ही आम हुई उसके परिजन और सहकर्मी एकत्रित हो गए
आक्रोशित लोगों द्वारा मांग की जाने लगी कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थाई रोजगार की व्यवस्था करवाई जाए साथ ही हादसे की निष्पक्ष जांच करते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाए एक तरफ तो 32 वर्षीय युवक की मौत हो जाती है परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है लेकिन दूसरी ओर कलिंगा कंपनी अपनी खाल बचाने के लिए अपने एजेंटों को सक्रिय कर देती है। ऐसे एजेंट इसी प्रयास में रहते हैं कि जैसे भी हो मामले को सलटा लिया जाए । खदान प्रबंधन पुलिस और अन्य बधाओ कॉल लक्ष्मी जी की कृपा से समाप्त करने की कोशिश चलती है। आज भी यही हुआ लेकिन मृतक के परिजन और सहकर्मियों की दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे सब को नत मस्तक होना पड़ा




