acn18.com/ कोरबा – डी ए व्ही पब्लिक स्कूल एस ई सी एल कोरबा में वार्षिकोत्सव ‘रिश्ते’ का भव्य आयोजन किया गया । इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री दीपक पांड्या, महाप्रबंधक एस ई सी एल कोरबा क्षेत्र,(अध्यक्ष, स्थानीय प्रबंधक समिति डी ए व्ही कोरबा)विशिष्ट अतिथिगणों में श्री के पी सिंह, कार्मिक प्रबंधक एस ई सी एल कोरबा क्षेत्र (नामित अध्यक्ष, स्थानीय प्रबंधक समिति डी ए व्ही कोरबा), श्रीमती श्वेता पांड्या,अध्यक्षा सृष्टि महिला मंडल कोरबा, श्री सी एम पांडेय प्रबंधक डी ए व्ही कोरबा एवम प्राचार्य डी ए व्ही कुसमुंडा, श्री के डी शर्मा, प्राचार्य डी ए व्ही छाल, श्रीमती राजरेखा शुक्ला, प्राचार्या डी ए व्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जेंजरा एवं वार्ड पार्षद श्री शैलेन्द्र सिंह उपस्थित थे। मुख्य अतिथियों का स्वागत विद्यालय के मुख्य द्वार पर वैदिक मंत्रोचार के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक स्वागत विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अनामिका भारती और विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं के द्वारा पुष्प-गुच्छ और बैज लगाकर किया गया। डी ए व्ही गान के पश्चात विद्यालय के नन्हें कलाकारों के द्वारा एक मधुरिम स्वागत गीत की प्रस्तुति के साथ इस शानदार सांस्कृतिक संध्या का प्रारंभ हुआ । सर्वप्रथम मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना लिए ‘गणेश स्तुति’पर आधारित सुंदर नृत्य की प्रस्तुति विद्यालय के बच्चों के द्वारा दी गई। इस नृत्य के पश्चात विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अनामिका भारती ने शिक्षण सत्र 2023-24 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे न सिर्फ़ केवल अध्ययन के क्षेत्र में आगे रहते बल्कि खेलकूद, गीत-संगीत,चित्रकला तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में यहां के बच्चों ने जिला,राज्य तथा राष्ट्र स्तरीय स्पर्धा में चयनित होकर विद्यालय और जिले का मान बढ़ाया है। वार्षिक प्रतिवेदन के पश्चात विद्यालय के नन्हें बाल कलाकारों के द्वारा ‘फैमिली स्पेशल और हेल्पर्स’ के रूप में अत्यन्त आकर्षक प्रस्तुति दी गई।जिसे देखकर सभी ने उनका उत्साह वर्धन किया। इस नृत्य के बाद देशभक्ति के जज़्बे से भरपूर लहू से मिट्टी के रिश्ते को परिभाषित करती ‘कव्वाली’ की मनमोहक प्रस्तुति विद्यालय की छात्राओं के द्वारा दी गई, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखें नम हो गईं । इस नृत्य के पश्चात विद्यालय की प्राचार्या,मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के द्वारा विगत वर्ष के कक्षा दसवीं और बारहवीं के मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट अंकों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात ‘शिक्षण सफर’ को दर्शाते विद्यालय के नन्हें-नन्हें कलाकारों के द्वारा मधुरिम प्रस्तुति दी गई जिसे दर्शकों का भरपूर प्रतिसाद मिला। इस नृत्य के बाद ‘अभिभावक का महत्व’ के प्रभाव को गीत-संगीत के द्वारा मंचित करते हुए नाटक का मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शकों ने बाल कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसी कड़ी में ‘प्राकृतिक संसाधनों’ को सरंक्षित करने का संदेश देते हुए बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुति दी गई जो कि अत्यंत मनोहारी प्रस्तुति थी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति को ‘छत्तीसगढ़ी नृत्य’ के माध्यम से प्रस्तुत किया गया,जिसने अदभुत समा बांध दिया। इसके बाद कृष्णा-सुदामा’ के जीवन पर आधारित अंग्रेज़ी नाटक का मंचन किया गया,जिसे देखने के बाद दर्शकों में कौतूहल और जिज्ञासा का भाव भर दिया । इसके पश्चात शिवजी के प्रति प्रेम और समर्पण के भाव से आपूरित नृत्य नाटिका ‘सती दहन’ अत्यंत मार्मिक प्रस्तुति दी गई । जिसे दर्शक देर तक अपलक निहारते रहे और उनके हृदय द्रवित हो गए । इसी कड़ी में मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उदगार देते हुए मुख्य अतिथि श्री दीपक पांड्या ने कहा-“हमें अपना कार्य ईमानदारी से करना चाहिए।किसी भी देश के नागरिक उसके ईमानदारी के लिए जाना एवं पहचाना जाना जाता है। ईमानदारी से कार्य करने से आत्मविश्वास बढ़ता है । इस सांस्कृतिक संध्या की अंतिम प्रस्तुति के रूप में भारतीय सिनेमा को दर्शाता पाश्चात्य शैली में एक शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी गई जिसने दर्शकों के हृदय को जोश से भर दिया । इस मनमोहक,रंगारंग और भव्य कार्यक्रम की सफलता हेतु ,मुख्य अतिथि विशेष अतिथिगणों , अभिभावकों तथा अन्य गणमान्य आगंतुकों के प्रति आभार प्रदर्शन व…
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