सभी के पूर्वज हिंदू थे, यह सर्वमान्य अवधारणा , प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले गोवर्धनपीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती

0
150

acn18.com कोरबा/ कोरबा जिले में अपना तीन दिवसीय प्रवास के तीसरे दिवस गोवर्धन पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने राम जानकी मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने यहां पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। कहा गया कि सर्वसम्मत अवधारणा यही है कि सभी के पूर्वज हिंदू थे और इसी हिसाब से काम हो रहा है। जहां कहीं अप्रत्याशित घटनाएं हो रही हैं, वह सरकारी तंत्र की दुर्बलता का परिणाम है।

vlcsnap 2023 04 11 16h57m52s738

पीठ परिषद और आदित्य वाहिनी के द्वारा कोरबा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के साथ गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य ने लोगों का मार्गदर्शन किया। रायपुर रवाना होने से पहले उन्होंने बुधवारी क्षेत्र स्थित राम जानकी मंदिर परिसर मैं पत्रकारों से बातचीत की। छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित कुछ इलाकों में आदिवासियों के हिंदू नहीं होने संबंधित बयान को लेकर शंकराचार्य ने बताया कि इस तरह की कोशिशें बहुसंख्यक वर्ग को प्रभावित करने के लिए की जा रही हैं ताकि देश को अपनि मुट्ठी में किया जा सके। इस दुरभि संधि को विफल किया जाना जरूरी है।

vlcsnap 2023 04 11 16h59m06s509

वर्ण व्यवस्था से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यह सभी व्यक्ति के पूर्व जन्मों के कर्मों और प्रारब्ध के आधार पर सुनिश्चित होता है।बातचीत के अंतर्गत शंकराचार्य ने अयोध्या में जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण को लेकर किए गए प्रयासों पर भी कई खुलासे किये और बताया कि यह काम तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल में हो जाता लेकिन जिस तरह की स्थिति पैदा की जा रही थी, उसका हमने विरोध किया।

vlcsnap 2023 04 11 17h00m19s510

हिंदू राष्ट्र अभियान मैं लगे शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने जोर देकर इस बात को कहा कि उन्होंने 18 महीने पहले ही काफी कुछ स्पष्ट रूप से कह दिया था। आज भी इस बात पर कायम है कि एशिया महाद्वीप में रहने वाले सभी लोगों के पूर्वज हिंदू थे।

vlcsnap 2023 04 11 17h00m54s070

याद रहे पिछले कुछ वर्षों से हिंदू राष्ट्र अभियान को लेकर गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती विभिन्न देशों का घमंड कर रहे हैं और हिंदुओं को जागरूक करने में लगे हुए हैं। समय-समय पर उनके द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों को लेकर बेबाक तरीके से अपनी बात रखी जाती है जो सुर्खियों में रहती है।

मुख्यमंत्री ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें किया नमन