कीटनाशक से प्रभावित नवजात को बचाया, मेडिकल कॉलेज एसएनसीयू में चल रहा था उपचार

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Acn18.comकोरबा/दवा के धोखे में कीटनाशक का सेवन करने से नवजात बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उपचार देकर उसे ठीक कर लिया गया है। डॉक्टरों की टीम इस मामले में लगातार नजर रखे हुए थी। पूरी तरह से पीड़ित के ठीक होने पर उसे यहां से डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही है।

उरगा पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम दादर कला की रहने वाली उत्तरा की समस्या तब बढ़ गई जब खांसी और बुखार से पीड़ित 4 दिन के नवजात बच्चे को उसने दवा के धोखे में कीटनाशक की कुछ मात्रा दे दी। बाद में पता चला कि वह दवा नहीं थी बल्कि कीटनाशक था। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया जहां पर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट मैं भर्ती किया गया। सहायक प्राध्यापक डॉ हेमा नामदेव ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर उपचार शुरू किया गया और जहर का असर कम करने वाली दवाई दी गई।डॉक्टर की टीम इस पर नजर रखे हुए थी। सुधार होने पर ऑक्सीजन और दवाओं की मात्रा कब की गई। अब वह खतरे से बाहर है।

डॉक्टर मानते हैं कि जहरीले पदार्थ का सेवन करने से यह मामला पेचीदा हो सकता था लेकिन समय पर उपचार मिलने से परेशानियां दूर हुई हैं। बच्चे की मां को समझाया गया है कि दवाओं के आसपास कीटनाशक चीजें बिल्कुल ना रखी जाए।

कई बार इस प्रकार के हालात तब निर्मित हो जाते हैं जबकि पीड़ित को ठीक करने के लिए आनन-फानन में दवा की खोज की जाती है और उसी चक्कर में गैर जरूरी चीजें हाथों में आने के साथ समस्या खड़ी कर देती हैं। जरूरत इस बात की है कि घरों में अलग-अलग उपयोग की चीजें बिल्कुल सुरक्षित स्थान पर रखी जाए ताकि किसी भी कारण से गलतफहमी का मौका ही पैदा ना हो सके