Home KORBA ​पंडित मुकुटधर पांडे संगीत प्रकोष्ठ द्वारा भक्तिमय एवं सांस्कृतिक गायन कार्यक्रम आयोजित

​पंडित मुकुटधर पांडे संगीत प्रकोष्ठ द्वारा भक्तिमय एवं सांस्कृतिक गायन कार्यक्रम आयोजित

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Acn18. Com.​कोरबा। पंडित मुकुटधर पांडे संगीत प्रकोष्ठ के तत्वावधान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी , गणेश गणेश उत्सव ,प्रेरणागीत, लता आशा जी की जयंती एवं अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक पर्वों पर आधारित एक भव्य गायन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस संगीतमय शाम में स्थानीय गायकों ने अपनी सुरीली आवाज़ और गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।

​आयोजन के दौरान मंच पर एक से बढ़कर एक भक्ति, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
​श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर “अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम्”, “यशोमति मैया से बोले नंदलाला”, “ओ कान्हा अब तो”, “सांवली सूरत पे मोहन”, “अरे द्वारपालों” जैसे भावविभोर कर देने वाले भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके अलावा गणेश वंदना, देवी गीत , लता जी की जयंती एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
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​मोहम्मद मुकीद ने कोयल बोली दुनिया डोली, राही मनवा दुख की चिंता
​संतोष पासवान: मच गया शोर सारी नगरी, देवा हो देवा गणपति
​सूरज महंत: अरे द्वारपालों, देवा हो देवा गली गली में
​अपूर्वा सिंह ठाकुर: ओ कान्हा अब तो, घर में पधारो गजानन
​गौरी महंत: शाम चूड़ी बेचने आया, गोरी है कलाइयां
​भानू प्रसाद: जिंदगी हर कदम, जैसी करनी वैसी भरनी
​केशरी देवांगन: सांवली सूरत पे मोहन, मोर संग चलो रे
​अर्चना साहू: तीजा पोरे के तिहार बहिनी , लता जी की गीत माला
​अरविंद साहू: तुम ढूंढो मुझे गोपाल, गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु
​रूपेश चौहान: ये दिल और उनकी निगाहों, बड़ी देर भई नंदलाला
​पुरुषोत्तम कौशिक: देख तेरे संसार की हालत, तुझे सूरज कहूं या चंदा
​राजू प्रसाद यादव: जगन्नाथ चकनैन, इंसान का इंसान से
​लेखराम पटेल: राधिका तूने बांसुरी चुरायी, दिल कहे रुक जा रे रुक
​भरत साहू: कान्हा रे थोड़ा सा, कब तक चुप बैठे
​दीशू साही: देवा श्री गणेशा, तीन बांण के धारी
​उत्तरा कुमार लहरे: सारी दुनिया का बोझ ,साजन आजा रे
​कृष्ण कुमार चंद्रा: यूं ही तुम मुझसे बात करती हो, जिंदगी प्यार का गीत है
​भारतीय चौरसिया: , तू कितनी अच्छी है मां , श्याम तेरी बंसी
​प्रभात शर्मा: जिंदगी के सफर में गुजर जाते, लुक छिप जाना
​शैलेश गुप्ता: नारायण मिल जाएंगे, इतनी शक्ति हमें देना दाता
धरम साहू: नदिया चले चले रे धारा, तू जो मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा
​घासी राम साहू: गणेश वंदना, भोर भये पनघट
​हरजीत राजपाल ने अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम् जैसे गीत सुना कर लोगों का दिल जीत लिया
​गरिमामय उपस्थिति
​कार्यक्रम के दौरान समिति के संरक्षक मोहम्मद यूनुस धनियालपुरी, कमलेश यादव, दिलीप अग्रवाल, मुकेश चतुर्वेदी, एवं डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। संगीत प्रकोष्ठ की संयोजिका श्रीमती अर्चना साहू ने अंत में आभार व्यक्त किया।

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