पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने फैसले पर निराशा जताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा कि झीरम हमले के पीछे छिपे बड़े षड्यंत्र की सच्चाई सामने नहीं आ सकी है।
झीरम घाटी नरसंहार मामले में न्यायालय के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने फैसले पर निराशा जताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झीरम हमले के पीछे छिपे कथित बड़े षड्यंत्र की सच्चाई अब तक सामने नहीं आ सकी है और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है।
‘झीरम की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी’
अनिता शर्मा ने कहा कि झीरम घाटी का हमला छत्तीसगढ़ के लिए बेहद दर्दनाक त्रासदी थी। इस घटना में प्रदेश ने कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा जवानों को खोया था। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी शहीदों के परिवारों को पूर्ण न्याय नहीं मिलना चिंता का विषय है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली से ऐसा प्रतीत होता है कि झीरम मामले के वास्तविक षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल हमले को अंजाम देने वालों तक सीमित रहने के बजाय इसके पीछे की पूरी साजिश और उससे जुड़े लोगों की पहचान भी सामने आनी चाहिए।
‘न्याय की लड़ाई जारी रहेगी’
अनिता शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस और प्रदेश की जनता की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने दोहराया कि जब तक घटना की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय की मांग उठती रहेगी।








