जशपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मानसून के साथ प्राकृतिक रूप से उगने वाला देशी मशरूम पुटू इन दिनों बाजार में ‘सफेद सोना’ बन गया है। प्रोटीन से भरपूर इस दुर्लभ वन उपज की कीमत 1500 से 2000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। सीमित समय के लिए उपलब्ध होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
जशपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के जंगलों में मिलने वाला पुटू साल में केवल एक से डेढ़ महीने तक ही मिलता है। सुबह-सुबह ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, जंगलों से पुटू एकत्र कर स्थानीय हाट-बाजारों में बेचती हैं। बाजार में यह 150 से 200 रुपये प्रति दोना के हिसाब से बिक रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अच्छी आय हो रही है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पुटू पूरी तरह प्राकृतिक और पौष्टिक वन उपज है। यदि इसके संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और नियंत्रित उत्पादन पर काम किया जाए तो यह ग्रामीणों और किसानों के लिए आय का बड़ा स्रोत बन सकता है। स्वाद और पोषण से भरपूर यह मौसमी मशरूम इन दिनों छत्तीसगढ़ के बाजारों में सबसे चर्चित और महंगी वन उपज बन गया है।





