
बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों से जारी रहस्यमयी मौतों के सिलसिले का राज अब खुलता नजर आ रहा है। गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। दो दिनों तक चली गहन पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिसके बाद पुलिस ने उसे हत्या के मामलों में गिरफ्तार कर लिया है। अब पूरे जिले की नजर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई है।
मजाक उड़ाने वालों से रखता था रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों से मन में गहरी दुश्मनी पाल लेता था। खासतौर पर जो लोग उसका मजाक उड़ाते थे, उन्हें वह अपना दुश्मन मानने लगता था। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इसी रंजिश के चलते उसने लोगों को निशाना बनाया।
जहरीली शराब से हत्या की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी ने कुछ लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतारा। मृतकों के परिजनों ने भी पहले ही आरोप लगाया था कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय पर रामसहाय जायसवाल ने शराब उपलब्ध कराई थी। शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती गई और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।
8 हत्या समेत 9 मामलों में दर्ज हुई FIR
कसडोल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 8 अलग-अलग हत्या के मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा जहर देने से जुड़ी धाराओं को मिलाकर कुल 9 FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।
6 फरवरी से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला
जानकारी के मुताबिक, खर्वे गांव में पहली संदिग्ध मौत 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की हुई थी। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की मौत हुई। मार्च महीने में बुधराम जायसवाल, छत्तूराम साहू और विनोद साहू की जान चली गई। अप्रैल में गजानंद मांझी और चैतूराम साहू की मौत हुई, जबकि 14 मई को महेतरू साहू की मौत के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई थी।
एक ही गांव में लगातार 8 लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया था। बड़ी संख्या में लोग कसडोल थाने पहुंचे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
21 बलि की चर्चा से फैली थी दहशत
लगातार हो रही मौतों के बीच गांव में यह चर्चा भी फैल गई थी कि गड़े धन को हासिल करने के लिए 21 लोगों की बलि देने की योजना बनाई गई है। हालांकि पुलिस ने इस तरह की अफवाहों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन चर्चाओं ने ग्रामीणों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया था।
आरोपी को गांव लाकर जुटाए जा रहे सबूत
पुलिस आरोपी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके गांव लेकर पहुंची है। आरोपी के घर और आसपास के इलाके में सघन जांच की जा रही है। पुलिस टीम महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है और पूछताछ के आधार पर कई नए पहलुओं की जांच कर रही है।
आज हो सकता है बड़ा खुलासा
पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा अभी बाकी है। माना जा रहा है कि 23 जून मंगलवार में दोपहर पुलिस अधीक्षक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्या के तरीके, आरोपी की मंशा और तीन महीनों तक गांव में दहशत फैलाने वाले इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकते हैं।




