बिलासपुर हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में देरी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में देरी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसके भविष्य निधि (PF) की देरी से हुई भुगतान राशि पर 8% वार्षिक ब्याज दिया जाए।
दरअसल, मामले में याचिकाकर्ता जगन्नाथ सिंह वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उनके PF की कुल राशि में से करीब 1.55 लाख रुपए 12 साल बाद यानी 24 जनवरी 2023 को जारी की गई। यह देरी विभागीय पासबुक में एंट्री नहीं होने के कारण हुई, जिसे कोर्ट ने साफ तौर पर प्रशासनिक चूक माना।
कर्मचारी का अधिकार है रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि, रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ कर्मचारी का अधिकार है, न कि कोई उपहार। यदि भुगतान में देरी होती है तो कर्मचारी को ब्याज मिलना ही चाहिए।
1.55 लाख रुपए पर 8% वार्षिक ब्याज दिया जाए- न्यायालय
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि, याचिकाकर्ता को अक्टूबर 2011 से 24 जनवरी 2023 तक की अवधि के लिए 1.55 लाख रुपए पर 8% वार्षिक ब्याज दिया जाए। साथ ही यह भुगतान आदेश की प्रति मिलने के चार महीने के भीतर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिम्मेदार विभागों को आर्थिक जवाबदेही करनी होगी तय
इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्पष्ट संदेश गया है कि सेवानिवृत्ति लाभों में देरी पर जिम्मेदार विभागों को आर्थिक जवाबदेही तय करनी होगी




