जांजगीर-नैला नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 7 और 8 में बन रही नाली निर्माण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब 77 लाख रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि डेढ़ महीने से नाली खुली पड़ी है, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। इसी बीच एक शहरवासी ने नगरपालिका सीएमओ को खुला चैलेंज देते हुए 10 लाख रुपये नकद ईनाम की घोषणा कर दी है।
नगरपालिका जांजगीर-नैला के वार्ड 7 और 8 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। डेढ़ माह से अधिक समय से नाली खुली होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। खुली नाली के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों के लिए रास्ता खतरनाक बन चुका है। बारिश या रात के अंधेरे में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
एक शहरवासी ने आक्रोश जताते हुए नगरपालिका के सीएमओ को खुला चैलेंज दिया है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति उनके घर से छात्रा की स्कूटी को बिना किसी की मदद के सुरक्षित बाहर निकालकर दिखा दे, तो वे 10 लाख रुपये नकद ईनाम देंगे। उनका आरोप है कि नाली निर्माण की अव्यवस्था के कारण घर से वाहन निकालना तक मुश्किल हो गया है।
लोगों का आरोप है कि 77 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य में पारदर्शिता नहीं है और जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंच रहे। शहरवासियों ने मांग की है कि तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और निर्माण कार्य को तय मानकों के अनुसार पूरा कराया जाए।
अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन इस खुले चैलेंज और लगातार मिल रही शिकायतों पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल शहरवासी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं।




