5 हज़ार शिक्षकों की भर्ती के लिए व्यापमं लेगा परीक्षा… इसी माह जारी होगा विज्ञापन, सीएम साय के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू

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5 हज़ार शिक्षकों की भर्ती के लिए व्यापमं लेगा परीक्षा… इसी माह जारी होगा विज्ञापन, सीएम साय के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता तथा सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5,000 पदों पर सीधी भर्ती के लिए शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए शासन ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को परीक्षा आयोजन हेतु अधिकृत किया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, भर्ती विज्ञापन जारी करने से संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा आवश्यक दस्तावेज व्यापम को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है, जिससे नई भर्ती के लिए रास्ता साफ हो गया है।

शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फरवरी 2026 में इस भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने का उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करना है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप शिक्षा विभाग ने इस दिशा में तेज़ी से कार्रवाई की है। चयन प्रक्रिया व्यापम द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएगी, जबकि विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) आगामी दिनों में जारी किए जाएंगे।

विभिन्न योग्यताओं के अभ्यर्थियों को मिलेगा अवसर:इस भर्ती की खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) जैसे विविध पद शामिल किए गए हैं। इससे अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण वाले उम्मीदवारों को सरकारी सेवा में आने का अवसर प्राप्त होगा।

न्यायालय के निर्देशानुसार नियुक्तियां: उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 के अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण में, माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों के स्थान पर डी.एड. अर्हताधारी उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

शिक्षा और रोजगार—दोनों को मिलेगा बल: इस भर्ती से जहां एक ओर राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। शिक्षा विभाग के इस निर्णय को प्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है