आबकारी घोटाला मामला : पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, सख्त शर्तों के साथ मिली राहत

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाला मामले में जेल में बंद रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कवासी लखमा को सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह आदेश राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने लखमा को जमानत देते हुए तीन अहम शर्तें लगाई हैं। अदालत के निर्देशानुसार, कवासी लखमा को सामान्य परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। हालांकि, विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही राज्य में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही अदालत द्वारा निर्धारित अन्य सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि कवासी लखमा 15 जनवरी 2025 से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। उन्हें आबकारी घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम राहत देने का फैसला सुनाया।कवासी लखमा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे और हर्षवर्धन परघनिया ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और लंबी न्यायिक हिरासत को लेकर अदालत में मजबूत दलीलें पेश कीं।
पूर्व आबकारी मंत्री को मिली इस राहत के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें आगे की कानूनी कार्यवाही, विधानसभा सत्र और इस हाई-प्रोफाइल मामले के अगले पड़ाव पर टिकी हुई हैं।




