सेक्स सीडीकांड में फिर शुरु होगी कानूनी कार्रवाई, पूर्व CM भूपेश बघेल की हाईकोर्ट जाने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडीकांड में दोबारा ट्रायल शुरू करने के सेशन कोर्ट के आदेश को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। यह आदेश 24 जनवरी 2026 को विशेष CBI न्यायाधीश द्वारा पारित किया गया था, जिसमें कहा गया कि, मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा भूपेश बघेल को डिस्चार्ज करने का निर्णय कानून सम्मत नहीं।
पूर्व सीएम को झटका
दरअसल, मार्च 2025 में CBI की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद CBI ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी। सेशन कोर्ट के आदेश के बाद अब भूपेश बघेल के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दोबारा कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।
वहीं, इस मामले में सेशन कोर्ट ने अन्य आरोपी पूर्व सीएम मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया की अपीलों को भी खारिज कर दिया है। कोर्ट ने आरोप तय किए जाने के खिलाफ दायर उनकी याचिकाओं को नामंजूर कर दिया, जिसके बाद अब इन सभी को ट्रायल कोर्ट का सामना करना पड़ेगा।
न्याय मिलने की उम्मीद- राजेश मूणत
इस पूरे मामले में पीड़ित पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि, उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और वे न्याय मिलने की उम्मीद रखते हैं।
जानिए क्या था मामला
दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2017 का है, जब तत्कालीन बीजेपी सरकार में PWD मंत्री रहे राजेश मूणत की एक कथित आपत्तिजनक CD सार्वजनिक हुई थी। इस मामले में पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके पास से CD की 500 प्रतियां बरामद करने का दावा भी किया था।
आरोप था कि, CD कूटरचित थी और मंत्री की छवि खराब करने के लिए साजिश के तहत तैयार व प्रसारित की गई। उस समय तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पर CD बांटने और षड्यंत्र रचने का आरोप लगा था, जिसके चलते उन्हें 14 दिन जेल में भी रहना पड़ा था। बाद में राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंप दी थी।





