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200 एकड़ से अधिक जंगल काट कर ग्रामीणों ने शुरू कर दी खेती, सैलून बाद वन विभा कर रहा है कार्रवाई

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200 एकड़ से अधिक जंगल काट कर ग्रामीणों ने शुरू कर दी खेती, सैलून बाद वन विभा कर रहा है कार्रवाईIMG 20260124 WA0167 IMG 20260124 WA0169 IMG 20260124 WA0168

बालोद। दल्लीराजहरा फारेस्ट रेंज के अंतर्गत वन भूमि में बड़े पैमाने के पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने आज व्यापक कार्रवाई की। इसके तहत कक्ष क्रमांक 55 के कंजेलीबीट स्थित सुकड़ीगहन गांव क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ जंगल को काटकर खेती के लिए बनाए गए मेड़ों को जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ा गया। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में की गई।

जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र 279 हेक्टेयर के एक कम्पार्टमेंट में आता है, जहां सुकड़ीगहन गांव के कुछ पारधी समुदाय के लोगों द्वारा लंबे समय से जंगल काटकर अतिक्रमण कर लिया गया था। वन भूमि को खेतों में तब्दील कर कृषि कार्य किया जा रहा था, जिससे वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा।

अब हो रही है कार्रवाई..

दल्लीराजहरा वन मंडलाधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस इलाके में 200 एकड़ से भी ज्यादा जंगल से पेड़ों को काट कर खेतों में तब्दील कर दिया गया है, जिसे अब हटाया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि पहले जब जंगलों को काटा जा रहा था तब वन अमला क्या कर रहा था ? ग्रामीणों ने अवैध तरीके से कटाई की, और जमीन पर खेतीबाड़ी शुरू कर दी। अब जब वन विभाग उन्हें बेदखल कर रहा है तो उन्हें तकलीफ हो रही है।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही सुकड़ीगहन गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से घंटों तक चर्चा की। ग्रामीणों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखी, लेकिन अधिकारियों द्वारा नियमों का हवाला देने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई। चर्चा के बाद ग्रामीण वापस लौट गए और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखने की बात कही।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वन विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी गई।

दल्लीराजहरा वन मंडलाधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय वन प्रबंधन समिति के माध्यम से कक्ष क्रमांक 55 में अतिक्रमण के प्रयासों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया और स्थानीय समिति के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई गई।

उन्होंने बताया कि आज पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 30 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। क्षेत्र में 200 एकड़ से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था, जिसे चरणबद्ध तरीके से हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।