“G RAM G” से मजदूरों का पसीना बनेगा विकास की ताकत, कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही – तोखन साहू

0
19

“G RAM G” से मजदूरों का पसीना बनेगा विकास की ताकत, कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही – तोखन साहू

रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने “G RAM G” को लेकर कांग्रेस के 45 दिनों तक चले प्रदर्शन पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितना प्रदर्शन करे, सच्चाई जनता के सामने है। “G RAM G” का उद्देश्य मजदूरों की मेहनत को देश के स्थायी विकास से जोड़ना है, न कि उसे व्यर्थ जाने देना।

तोखन साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा केवल गड्ढा खोदने और भरने तक सीमित रहा, जिससे एक भी स्थायी परिसंपत्ति का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था, जहां मजदूरों का पसीना विकास में नहीं लग सका।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि “G RAM G” योजना के माध्यम से अब मजदूरों की मेहनत से स्थायी संपत्तियां तैयार होंगी, जिससे गांव मजबूत होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों का श्रम अब बेकार नहीं जाएगा, बल्कि वही विकसित भारत की नींव बनेगा।

मंत्री साहू ने कांग्रेस पर झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब इन हथकंडों को समझ चुकी है और विकास के साथ खड़ी है।

इंदौर जल संकट पर केंद्र सख्त: शुद्ध पेयजल और टेस्टिंग सिस्टम मजबूत करेंगे

इंदौर में शुद्ध पेयजल नहीं मिलने से हुई मौतों की घटना पर केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद पीड़ादायक घटना है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है।

मंत्री साहू ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें अमृत मिशन के तहत देशभर में शुद्ध पेयजल की सुनिश्चित आपूर्ति के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पानी की गुणवत्ता जांच (टेस्टिंग) को और सख्त किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में पानी की टेस्टिंग के लिए नए सेंटर बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि समय रहते दूषित जल की पहचान हो सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक तक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल पहुंचे।

इसके साथ ही बिलासपुर के विकास को लेकर भी अहम संकेत देते हुए मंत्री साहू ने बताया कि आज मुख्यमंत्री साय द्वारा इस संबंध में विशेष बैठक ली जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार की कमी के कारण लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे शहरी मूलभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार सिटी 2.0 की परिकल्पना पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में इंदौर जैसे 18 शहर विकसित किए जाने हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ से बिलासपुर को शामिल किया गया है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है