
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या वहां मौजूद रही, जहां ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया
रायपुर सेंट्रल जेल के सामने सुबह से ही कांग्रेसियों का जमावड़ा रहा। यह सभी जेल से रिहा होने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का स्वागत करने पहुंचे थे। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अकेले ही नहीं आए थे बल्कि ढोल ताशा भी ले आएथे जो काफी देर पहले से ही बजना शुरू हो गया था चैतन्य बघेल की रिहाई से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था और आज उनके पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है। उन्होंने इसे भावनात्मक क्षण बताया। रिहाई के समय भूपेश बघेल स्वयं कार चलाकर रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और अपने बेटे को रिसीव किया।चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो/ईओडब्ल्यू (ACB/EOW) द्वारा दर्ज मामलों में जमानत मिली है। ED ने उन्हें जुलाई 2025 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में ACB/EOW ने भ्रष्टाचार के एक अन्य प्रकरण में उन्हें उस समय गिरफ्तार किया, जब वे पहले से ही न्यायिक हिरासत में थे।
, बेटे को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।” चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों ने जेल के बाहर पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की।उल्लेखनीय है कि जमानत मिलने के बावजूद मामले की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है




