पिछले वर्ष 256 नक्सली किए गए ढेर, 898 गिरफ्तार और 1573 ने किया पुनर्वास

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पिछले वर्ष 256 नक्सली किए गए ढेर,

898 गिरफ्तार और 1573 ने किया पुनर्वास

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है। वर्ष 2025 में 256 नक्सली मार गिराए गए जिनमें वह नक्सली कमांडर भी शामिल हैं जिन तक पहुंच पाना पुलिस के लिए नामुमकिन लग रहा था।

बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बस्तर संभाग के सातों जिले का वर्षभर का आंकड़ा जारी करते हुए बीते 5 वर्षो का तुलनात्मक आंकड़ा जारी किया है। जिसमें उन्होंने बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान के दृष्टि से बेहद सफल बताया है ।
उन्होंने बताया कि “पूना मारगेम” अभियान से प्रभावित होकर अभी तक 1573 माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं।
वहीं वर्ष 2025 में 100 पुलिस नक्सली मुठभेड़ हुए जिसमें सुरक्षा बलों ने 256 माओवादियों को मार गिराया और उनके शव बरामद किए।वहीं 898 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए । बाइट

आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि वर्ष इस दौरान माओवादियों से 677 हथियार भी बरामद किए गए ।
सुंदरराज पी ने कहा कि पूना मारगेम के तहत् पुनर्वास से पुनर्जीवन जैसी पहल बस्तर में शांति स्थापना के मानवीय स्वरूप का प्रतीक बना, जिसमें दिनांक 17 अक्टूबर, 2025 का दिन ऐतिहासिक रहा, जिसमें संभाग मुख्यालय, जगदलपुर में 210 माओवादियों का रिकार्ड सशस्त्र आत्मसमर्पण इस बदलाव की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि रही जिसने यह सिद्ध किया कि शांति और प्रगति का संदेश अब माओवादी कोर क्षेत्रों तक पहुँच चुका है। आत्मसमर्पित कैडरों को वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वे सम्मानजनक जीवन जीते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित हो सके। आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पूना मारगेम के तहत् शीर्ष माओवादी केन्द्रीय कमेटी सदस्य टक्कालापल्ली वासुदेव राव उर्फ सतीश एवं डीकेएसजेडसी सदस्य ग्रिड्डी पावनंदम रेड्डी उर्फ श्याम दादा, वेंकटेश उर्फ अदुमल वेंकटेश, राजमन मण्डावी उर्फ भास्कर, रनिता उर्फ जयमति, चैतु उर्फ श्याम दादा सहित सीमावर्ती राज्यों/जिलों में अन्य शीर्ष माओवादी कैडर पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणु गोपाल उर्फ विवेक उर्फ सोनू दादा, केन्द्रीय कमेटी सदस्य पुल्लरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना, रामदेर उर्फ सोमा तथा डीकेएसजेडसी सदस्य मुचाकी एर्रा द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है।