इस बार सम्मेलन की थीम “विकसित भारत, सुरक्षित भारत” रखी गई है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम बस्तर 2.0 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। मार्च 2026 में नक्सलवाद के उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास के नए चरण को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर उनकी प्रस्तुति केंद्रित रहेगी। वहीं आतंकवाद निरोधक रणनीतियों के वर्तमान रुझानों पर चर्चा के साथ आईबी के विशेष निदेशक देश के आंतरिक सुरक्षा विज़न–2047 का खाका सामने रखेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी सुबह सवा आठ बजे आईआईएम रायपुर पहुँचे, जहाँ उनका स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वागत के तुरंत बाद वे लगातार बारह घंटे तक चलने वाली विभिन्न बैठकों में शामिल रहेंगे। इन बैठकों में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विमर्श होगा। देर शाम प्रधानमंत्री स्पीकर हाउस पहुँचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।
सम्मेलन में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए व्यापक आवास व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के लिए एम–1 और गृह मंत्री अमित शाह के लिए एम–11 में ठहरने की व्यवस्था की गई है, जबकि एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी प्रमुख तपन डेका और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को नए सर्किट हाउस में ठहराया गया है। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान के 140 कमरे, निमोरा अकादमी के 91 कमरे और सर्किट हाउस के 6 सूइट तथा 22 कमरे सम्मेलन से जुड़े अधिकारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। कुल मिलाकर पूरे देश से आए 33 राज्यों के डीजीपी और पैरामिलिट्री के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 75 पुलिस अधिकारियों को रायपुर में ठहराया गया है।