
कोरबा . 15 नवंबर से धान की खरीदी शुरू कर दी गयी है लेकिन कोरबा जिले के अधिकांश सहकारी समितियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन के द्वारा धान खरीदी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है लेकिन इसके बहुत उत्साह जनक परिणाम सामने नहीं आ सके हैं। मौजूदा स्थिति में किसानों को ना तो टोकन मिल पा रहे हैं और ना ही उनकी धन का विक्रय हो सक रहा है। किसानों का इंतजार है कि कर्मचारियों की हड़ताल कब खत्म हो और धान खरीदने का काम प्रारंभ हो ।

सहकारी समिति प्रदेश संघ के आव्हान पर सभी समितियों के कर्मचारी, प्रबंधक, और कंप्यूटर आपरेटर अपनी 4 सूत्रीय मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।सहकारी समिति कनकी पहुंचे कुछ किसानों ने बताया कि अभी धान कटाई और मिसाई का काम चल रहा है । कुछ किसान धान बेचने को भी तैयार हैं लेकिन धान मंडियों के बंद रहने से टोकन वितरण समेत अन्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है ।सरकारी कर्मचारी संघ से जुड़े लोगों ने अपनी 4 सूत्रीय मांगो को लेकर 24 अक्टुबर को जिला कलेक्टर को तथा 28 अक्टुबर को संभाग मे ज्ञापन देकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था , लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए उन्हें बाध्य होना पड़ा । उधर 15 नवंबर से जिला प्रशासन द्वारा सहकारी समितियां में अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर धान खरीदी जरूर प्रारंभ करवा दी गयी है, लेकिन यह केवल औपचारिकता मात्र है । असल में अधिकांश सहकारी समितियों में हड़ताल के चलते ताला लटका हुआ है।




