
सूरजपुर में उस समय लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ गई जब पुलिस ने जुए के अड्डे पर छापा मारा और इस दौरान मची भगदड़ में एक युवक कुएं में जा गिरा। इस हादसे के बाद घंटो तक जयनगर थाने के बाहर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन चलता रहा। ग्रामीणों ने थाना परिसर के अंदर जमकर तोड़फोड़ की और नेशनल हाइवे को लगभग 5 घंटे तक जाम रखा, वहीं पुलिस की समझाईस के बाद भी जब प्रदर्शनकारी शांत नही हुए और पत्थरबाजी करने लगे तब पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ ग्रामीण घायल भी हुए, वहीं ग्रामीणों द्वारा की गई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं और जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
परिवार का इकलौता लड़का था मृतक
परिजन और गांव के लोगों को कहना है कि युवक घर का इकलौता लड़का था। पुलिस को देखकर भागते समय युवक कुएं में गिरा तो पुलिस वालों ने उसे बचाना भी नहीं चाहा ना ही गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके चक्कर में उसकी मौत हो गई। जो लोग जुआ पकड़ने गए थे उनके ऊपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घंटों तक जारी रहे इस प्रदर्शन में चंद पुलिसकर्मी ही थाने के बाहर ढाल बन कर खड़े रहे और कोई भी अतिरिक्त बोल जिले से नहीं पहुंच सका जो पुलिस विभाग के ऊपर भी कई सवाल खड़े करता है। जहां एक ओर पुलिस स्थिति को नियंत्रण में बता रही है वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजन पुलिस की लापरवाही से युवक की मौत का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।


