भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट

परंपरा, आस्था और उत्साह बंदोरा का भव्य जंवारा विसर्जन
महिलाओं की अनोखी आस्था
एंकर – सक्ति नवरात्रि की धूम पूरे प्रदेश में देखने को मिल रही है। सक्ती जिले के मालखरौदा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बंदोरा में जंवारा विसर्जन का भव्य आयोजन हुआ।खास बात यह रही कि यह जंवारा विसर्जन दुर्गा विसर्जन से पहले, परंपरा के अनुसार सम्पन्न हुआ। इस मौके पर महिलाओं की आस्था और उत्साह अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।”
“सुबह 11 बजे से ही बंदोरा के दुर्गा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सैकड़ों महिलाएं और छोटी बच्चियां थालियों और टोकरी में सजे जंवारा को अपने सिर पर रखकर माता रानी के जयकारों के साथ विसर्जन यात्रा पर निकलीं।
अनोखा नजारा देखने को मिला जब महिलाएं मांदर की थाप पर झूमती-नाचती हुई चल रही थीं। पूरे पंडाल और आसपास का माहौल भक्तिमय हो गया।”
“जैसे-जैसे विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी, गांव की गलियां माता रानी के जयकारों और गीतों से गूंज उठीं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे – सभी इस धार्मिक उत्सव का हिस्सा बने।
गांव में इस उत्सव का अनोखा नजारा हर किसी की नजरों में बस गया। लोगों ने अपने कैमरे और मोबाइल से इस दृश्य को कैद किया, ताकि यह भव्यता हमेशा याद रहे।”
“जब विसर्जन यात्रा गांव के बराही तालाब पहुँची, तो पूरे विधि-विधान के साथ जंवारा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने तालाब किनारे पूजा-अर्चना कर माता रानी से अपने परिवार और गांव की खुशहाली की प्रार्थना की।
तालाब किनारे का यह दृश्य सच में अनोखा नजारा देखने को मिला, जहाँ हर उम्र के लोग हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे थे और जंवारा को विधिपूर्वक विसर्जित किया गया।”
बंदोरा की महिलाओं की इस श्रद्धा और उत्साह ने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया।




