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पहलगाम भिलाई वापसी

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Acn18.comदुर्ग/ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 28 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह घटना के समय वहां फंसे हुए लोग अब सुरक्षित अपने घर लौट रहे हैं। छत्तीसगढ़ से गए 65 लोग, जो इस दौरान पहलगाम में मौजूद थे, सुरक्षित वापस लौट आए हैं। इनमें भिलाई के 10 लोग भी शामिल हैं, जो आज जब दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उतरे, तो परिजनों ने उन्हें गले से लगाकर आंसुओं में खुशी बहा दी। स्टेशन का हर कोना भावनाओं से भीग उठा,कोई खुशी से रोया, तो कोई अपनों को देखकर निःशब्द रह गया।

आपको बता दे की लौटने वालों में 3 साल के छोटे बच्चों से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग शामिल थे। जब ये लोग दुर्ग पहुंचे, तो किसी की आंखों में राहत के आंसू थे तो किसी की आंखों में अपनों से मिलने की खुशी झलक रही थी। पूरे माहौल में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा था। वतन लौटकर सभी लोग बेहद खुश नजर आ रहे थे और उन्होंने सरकार, सेना तथा सेवा भाव से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।घटना की भयावहता को याद करते हुए महिला विजयों शुक्ला ने बताया कि हमलावरों द्वारा हमला किए जाने के बाद पहलगाम के आसपास के इलाके में सेना की गाड़ियों की लगातार आवाजाही हो रही थी। उन्होंने कहा हमने ऐसा मंजर पहले सिर्फ टीवी पर देखा था, लेकिन अब अपनी आंखों से देखना बेहद डरावना था। हम पहलगाम से मात्र 10 किलोमीटर दूर थे। वहां से 10 से 15 मिनट का रास्ता ही बचा था। अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी और हमें वहीं रोक दिया गया। अगर हम कुछ और आगे बढ़ जाते, तो शायद आज जिंदा ना होते।वापस लौटे लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद किया, जिनकी त्वरित कार्रवाई और राहत कार्यों की वजह से वे सुरक्षित घर लौट सके। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है ताकि भविष्य में आम नागरिकों को इस प्रकार की पीड़ा न झेलनी पड़े।

वहीं महिला ममता शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सेवा भाव से जुड़े लोगों ने उन्हें बहुत मदद दी। उन्होंने बताया हमें सलाह दी गई कि हम पहलगाम की ओर न जाएं। स्थानीय लोगों ने भी हमें संभाला और समर्थन दिया। सरकार और प्रशासन ने हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई। यह हमारे जीवन का सबसे भयावह अनुभव था। लोग चारों ओर भाग रहे थे, पूरे इलाके को सेना ने घेर लिया था और हर ओर तनाव का माहौल था। पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया था।

 

इस दर्दनाक घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है। फिर भी, इन लोगों के सुरक्षित लौटने की खबर ने राहत भरी खुशी दी है। सभी ने ईश्वर का धन्यवाद करते हुए भविष्य में सुरक्षित यात्राओं की कामना की,लौटे हुए हर व्यक्ति ने यह दुआ की कि ऐसा खौफनाक मंजर दोबारा कभी न देखना पड़े।

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