खुद को लंदन का प्रसिद्ध डॉक्टर बता कर किया हार्ट का आपरेशन, फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट के इलाज से 7 की मौत

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Acn18.com/मध्य प्रदेश के दामोह से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर एक फर्जी डॉक्टर ने ऑपरेशन कर के सात मरीजों की जान ले ली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नकली डॉक्टर ने निजी मिशनरी अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन किया। इस वजह से सात मरीजों की जान चली गई। 

इस पूरे प्रकरण को लेकर एक स्थानीय निवासी ने एनएचआरसी में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि इस हॉस्पिटल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने दावा किया था कि वह विदेश से शिक्षित और प्रशिक्षित है। चिकित्सक ने अपना नाम ‘डॉ एन जॉन कैम’ बताया था। हालांकि, दावा किया गया कि उसका वास्तविक नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है। 

ऑपरेशन से गई सात लोगों की जान

एनएचआरसी को दी गई शिकायत में बताया गया कि डॉक्टर ने मरीजों को गुमराह करने के लिए यूनाइटेड किंगडम के एक प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉन कैम के नाम का दुरुपयोग किया। इस चिकित्सक के ऑपरेशन के कारण सात मरीजों की जान चली गई। अभी तक इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन से कोई संपर्क नहीं हो सका है।

कानूनगो ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में सात लोगों की असामयिक मौत का मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी डॉक्टर हृदय रोग के इलाज के नाम पर मरीजों का ऑपरेशन कर रहा था। 

जांच में जुटे एनएचआरसी के अधिकारी

बताया जा रहा है कि जिस अस्पताल की ये घटना है, वह प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के अंतर्गत आता है। दावा किया गया कि इसलिए सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया है। अब इस पूरे मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं।

कानूनगो ने रविवार को एक पोस्ट में कहा, “मामले की जांच के लिए मेरे आदेश पर गठित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच टीम 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक दमोह में डेरा डालकर जांच करेगी। अगर कोई पीड़ित या कोई अन्य व्यक्ति मामले से संबंधित जानकारी देना चाहता है तो वह दमोह में जांच टीम से मिल सकता है।” 

गलत इलाज से गई 7 लोगों की जान

जबलपुर नाका निवासी दीपक तिवारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इस साल जनवरी से फरवरी के बीच दमोह के मिशन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में एक अयोग्य और अनाधिकृत डॉक्टर द्वारा किए गए इलाज के कारण कई लोगों की मौत हो गई। 

शिकायत में कहा गया है कि पिछले डेढ़ महीने में ‘डॉ एन जॉन कैम’ ने अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में लोगों का इलाज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त डॉक्टर का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है, जो फर्जी नाम से अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में काम कर रहा था और उसके गलत इलाज के कारण मरीजों की मौत हो गई।