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बाघ ने बारनवापारा जंगल से लगे 7 गांवों में लगवाया धारा 144 लागू

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acn18.com बलौदाबाजार / जिला स्थित बारनवापारा जंगल में सालों बाद अचानक बाघ दिखा. बाघ की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सहित प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. जिला कलेक्टर केएल चौहान ने मंगलवार को बारनवापारा अभयारण के आसपास के 7 गांवों में धारा 144 लागू कर दी है। इनमें रवान, मोहदा, कौआबाहरा, मुरुमडीह, छतालडबरा, गजराडीह व दलदली शामिल हैं।

इन गांवों में ध्वनि विस्तारक यंत्र पर भी रोक है। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सात गांव में धारा 144 लागू की गई है। धारा 144 इसलिए लागू की गई है क्योंकि बारनवापारा जंगल में सालों बाद अचानक बाघ दिखने से बाघ की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सहित प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।

वन विभाग ने कहा है कि यहां अधिक भीड़भाड़ होने पर बाघ उत्तेजित हो सकता है। ऐसे में वो रिहायशी इलाके में घुस सकता है। इसके मद्देनजर इंसानों और बाघ दोनों की सुरक्षा को देखते हुए 7 गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इन गांवों में 5 से ज्यादा लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हो सकेंगे।

दरअसल, बाघ को पहली बार शिक्षक कांशीराम पटेल ने 7 मार्च को बारनवापारा अभ्यारण सिरपुर रोड में देखा और वीडियो बना कर वन विभाग को सूचित भी किया। जिसके बाद से लगातार वन अमला बाघ की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरत रहा है। ग्रामीणों को वन विभाग के अनुमति बगैर जंगलों में जाने पर रोक लगाई गई थी।

इसके बाद ग्रामीणों ने दूसरी बार 8 मार्च को बाघ देखने की सूचना दी। जिस पर तत्काल वन विभाग ने टीम गठित कर कार्रवाई की। इस दौरान अमलोर, सुकुलबाय में मवेशियों का शिकार होना पाया गया और 12 मार्च को बाघ के पंजे के निशान मिले। वहीं 14 मार्च को बलौदाबाजार वनमण्डल के परिक्षेत्र बल्दाकछार के कर्मचारी ने बाघ को प्रत्यक्ष देखा और पुष्टि की।

इसके बाद वन विभाग ने NTCA द्वारा जारी SOP/प्रोटोकॉल का पालन कर नियमानुसार कार्रवाई की शुरु की। बता दें, 3 ट्रेकिंग टीम वनमण्डल बलौदाबाजार, वनमण्डल महासमुन्द, वन विकास निगम की गठित कर नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी रायपुर और वसुंधरा सोसाइटी फार कंजर्वेशन आफ नेचर के सहयोग से लगातार ट्रेकिंग किया जा रहा है।

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