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72 लाख टन उत्पादन क्षमता करना है गेवरा की, अभी 52 लाख टन पर काम, गेवरा में जनसुनवाई

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Acn18.com/साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड गेवरा क्षेत्र की खदानों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर प्रतिवर्ष 72 लाख टन किया जाना है। देश के व्यवसाय की जरूरत को पूरा करने के लिए इसे आवश्यक बताया जा रहा है। खदान के विस्तार के लिए कई गांव प्रभावित होंगे। विस्तार की प्रक्रिया से पहले प्रशासन के द्वारा जनसुनवाई का आयोजन गेवरा स्टेडियम में किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच यहां पर लोगों ने अपनी बात रखी।

देश ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान के रूप में गेवरा का नाम शामिल हो गया है। वर्तमान में वहां से 52 लाख टन कोयला का उत्पादन हर वर्ष किया जा रहा है। इस कोयला की आपूर्ति विभिन्न राज्यों को की जा रही है जिसके माध्यम से कई उद्योग धंधे संचालित हो रहे हैं। कोयला की लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए एसईसीएल कंपनी ने गेवरा का विस्तार करना सुनिश्चित किया है इसके लिए काफी समय से प्रक्रिया अपनाई जा रही है। गेवरा स्टेडियम में जनसुनवाई भी इसी के अंतर्गत आयोजित की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच यह औपचारिक कार्यक्रम किया गया। प्रबंधन की ओर से एक अधिकारी ने विविध क्षेत्रों में उपलब्ध कराई गई सुविधा की जानकारी दी और विस्तार के बाद होने वाले कार्यों का ब्यौरा दिया।

बताया गया कि प्रस्तावित विस्तार परियोजना के अंतर्गत ढुरेना, हरदी बाजार, जूनाडीह, सलोरा,आमगांव, बेलटकरी गांव की जमीन प्रभावित हो सकती है । जनसुनवाई में आए कुछ लोगों ने अपनी समस्याएं बताएं। जबकि कुछ लोगों ने खदान खुलने के फायदे बताए।

याद रखें कोरबा जिले में एसईसीएल के विभिन्न परियोजनाओं मैं कई वर्ष पहले लोगों की जमीन ली गई है जिस से जुड़ी समस्याएं अभी तक निराकृत नहीं हो सकी है। इसे लेकर लंबे समय से लोग परेशानी झेल रहे हैं और प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इन सबके बीच गेवरा भी आयोजित की गई जनसुनवाई की रिपोर्ट प्रशासन के द्वारा नई दिल्ली भेजी जाएगी और इसके बाद आगे का काम होगा।

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