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Ayodhya: भव्य स्वरूप लेने लगा है राममंदिर, भूतल का 85 फीसदी काम पूरा, देखें- छतों पर भव्य नक्काशी की तस्वीरें

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Acn18.com/श्रीराममंदिर की छत पर पत्थर बिछाने का काम और तेज हो गया है। ट्रस्ट द्वारा बताया गया कि अब तक श्रीराममंदिर की छत का 40 फीसदी व राममंदिर के गर्भगृह यानि भूतल का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसी साल अक्तूबर तक गर्भगृह का निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य है।

राममंदिर के भूतल का काम अब अंतिम दौर में पहुंच रहा है। मंदिर की दीवारें खड़ी होने के बाद पत्थर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। मंदिर के परिक्रमा पथ पर पत्थर बिछाने का काम पूरा होने के बाद अब गूढ़ी मंडप व कोली मंडप के ऊपर पत्थर बिछाए जा रहे हैं। पूरे मंदिर पर पत्थर बिछाने के बाद इन पत्थरों को आपस में जोड़ने का काम शुरू होगा।

इस बीच मंदिर अब भव्य स्वरूप लेने लगा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ट्विटर पर मंदिर के छतों पर की गई भव्य नक्काशी की फोटो जारी की है जो देश-दुनिया के भक्तों को मंदिर की दिव्यता से रूबरू करा रही है। राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर निर्माण का काम निर्धारित समय सीमा के अनुरूप ही चल रहा है।

85 percent work of ground floor of ram temple completed.

महासचिव चंपत राय ने ट्वीट किया कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर की छतो का 40% काम पूरा हो चुका है। मंदिर अब भव्य स्वरूप ले रहा है। जय श्री राम।

अयोध्या में रामलला की अचल मूर्ति का निर्माण अगले सप्ताह से शुरू हो सकता है। मूर्ति बनाने वाले कारीगरों का 16 मई से अयोध्या आगमन शुरू हो जाएगा। तय हुआ है कि तीन पत्थरों पर अचल मूर्ति को आकार दिया जाएगा। इनमें से सर्वोत्तम मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। (राम मंदिर में नक्काशी की तस्वीर)
85 percent work of ground floor of ram temple completed.

पांच फीट ऊंची होगी मूर्ति
राममंदिर में रामलला की दो मूर्तियां विराजित करने की श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की योजना है। अस्थायी राममंदिर में वर्तमान में पूजित-प्रतिष्ठित रामलला स्थायी गर्भगृह में उत्सव मूर्ति के रूप में विराजित किए जाएंगे। जबकि एक अचल मूर्ति का भी निर्माण ट्रस्ट करा रहा है। इसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मूर्ति पांच फीट ऊंची होगी। फाउंडेशन के साथ मूर्ति की कुल ऊंचाई करीब आठ फीट हो जाएगी।

अचल मूर्ति निर्माण को लेकर देश-विदेश के अच्छे से अच्छे पत्थर मंगाए गए हैं। इनमें नेपाल से आई देवशिला भी शामिल है। अभी इन पत्थरों के परीक्षण का काम चल रहा है।
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