मौसम हुआ बेरुखा, एक घंटे की बारिश से तबाही,दीपका प्रगति नगर कॉलोनी के लोग दहशत में

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दीपका: मौसम हुआ बेरुखा, एक घंटे की बारिश से तबाही तय,प्रगति नगर कॉलोनी के लोग दहशत मेंIMG 20250707 WA0072

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क्षेत्रीय पार्षद अरुणीश तिवारी ने चेयरमैन, मंत्री और कोल इंडिया के अफसरों तक उठाया था मुद्दा।

प्रगति नगर कॉलोनी, जो कि SECL दीपका परियोजना की एक प्रमुख आवासीय नगर है, एक बार फिर बारिश की बेरुखी और प्रशासनिक लापरवाही का शिकार होती नजर आ रही है। अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि महज एक घंटे की बारिश भी कॉलोनी के लिए तबाही का संकेत बन गई है।
इस संबंध में सीटू के वेलफेयर कमेटी मेंबर धरमलाल टंडन ने बताया कि लाखों करोड़ों रुपए के खर्च पिछले 8 साल में प्रबंधन द्वारा प्रगति नगर तालाब में किया गया है बावजूद इसके किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान प्रगति नगर कॉलोनी वासियों को नहीं मिल सका।

बीएमएस के एरिया जेसीसी रमेश गुरुद्वान ने बताया कि प्रबंधन को लगातार कई बार आगाह करते हुए लिखित रूप से शिकायत की गई है मगर प्रबंधन कुम्भकरणीय नींद से नहीं जगा है और इस पानी निकासी में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है।

स्थानीय रहवासियों के अनुसार, कॉलोनी की नालियां जाम, जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल, और सड़कों की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। इस स्थिति से निवासी दहशत में हैं, क्योंकि उन्हें हर बार जनजीवन ठप होने का डर सताने लगा है। साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। घरों में प्रवेश किया पानी से नुकसान अलग।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय पार्षद अरुणीश तिवारी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कोल इंडिया के चेयरमैन, एसईसीएल के उच्च अधिकारियों, यहां तक कि राज्य व केंद्र सरकार के मंत्रियों तक ज्ञापन देकर जलभराव की समस्या, कॉलोनी की दयनीय स्थिति और उसके समाधान की अपील की थी। यहां तक की इस समस्या से निपटने के लिए कई आंदोलन भी इस कॉलोनी क्षेत्र में किए गए।2017 के जलभराव में भी पार्षद ने राज्य शासन द्वारा चार हजार रुपए का क्षति पूर्ति दिलाया गया था। वहीं एसईसीएल प्रबंधन ने अपनी कर्मचारियों को कोई क्षति पूर्ति नही दी गई।

इन सब के बावजूद दुर्भाग्यवश अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर साल की तरह इस बार भी कागज़ों पर मरम्मत, टेंडर और स्वीकृति की बातें तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत में कॉलोनी फिर उसी मुसीबत में खड़ी है।

स्थानीय नागरिकों ने चेताया है कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब सवाल यह है कि जब जनता और जनप्रतिनिधि दोनों समस्या से अवगत करा चुके हैं, तो आखिर समाधान की पहल कब होगी ?

प्रगति नगर के हालात बता रहे हैं मौसम का नहीं, सिस्टम का भरोसा नहीं रहा।