प्रधान पाठकों की पोस्टिंग में घोटाला, 94 की पदस्थापना की गई निरस्त

कांकेर। पदोन्नति के बाद गलत तरीके से पोस्टिंग करने के मामले में 94 प्रधान पाठकों को दी गई पोस्टिंग को निरस्त कर दिया गया है। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग जगदलपुर ने जांच के बाद यह आदेश जारी किया है। इसके लिए गठित समिति द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें पदोन्नति संशोधन में किए गए पदस्थापना परिवर्तन के तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। जिस पर कार्यवाही की गई है।
दरअसल संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर ने विगत 23 जुलाई 2025 को कांकेर में निरीक्षण किया था। इस दौरान प्रधान पाठकों की पदस्थापना से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें अनियमितताएं सामने आईं। इस पर एक विस्तृत जांच करवाई गई। जांच समिति ने सभी बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पदस्थापना आदेश को नियमों के विरुद्ध पाया गया।
छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर ने 29 मार्च 2023 को आदेश जारी कर स्पष्ट किया था कि 320 दिन की अवधि के लिए 265 रिक्त पदों पर प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में पदस्थापन किया जा सकता है, मगर बिना अनुमोदन अतिरिक्त पदस्थापना कर दिया गया। 265 पदों की स्वीकृति के बावजूद 55 अतिरिक्त पद आदेश के माध्यम से जारी कर दिए गए। यह आदेश उच्च कार्यालय से किसी प्रकार की अनुमति लिए बिना जारी हुआ। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों के विपरीत थी। जिसके चलते जिन 94 प्रधान पाठकों के एकल पदस्थापना आदेश जारी किए गए थे, उन्हें निरस्त कर दिया गया।
डीईओ के आदेश में उल्लेख है कि “संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर के प्रवास के दौरान 23 जुलाई 2025 को प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पदोन्नति के पदस्थापना संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, जिसमें पदोन्नति पश्चात पदस्थापना में अनियमितता पायी गई है। अपने जांच प्रतिवेदन (कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा बस्तर संभाग जगदलपुर का पत्र क्रमांक/जांच/प्रवास/2025/6987/ कांकेर 23. जुलाई 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर को निर्देशित किया गया कि काउंसलिग की प्रक्रिया से हट कर उन सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करे। उक्त अनियमितता की जांच हेतु संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर के द्वारा उपसंचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पदोन्नति संशोधन में किये गये पदस्थापना परिवर्तन के तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।”
“छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग के 29.मार्च 2023 में पदोन्नति ओपन काउंसलिग के माध्यम से पदांकन किये जाने के निर्देश के परिपालन में 28.अक्टूबर 2024 को अनुमोदित कुल 320 रिक्त पद में से प्रथम चरण में 265 प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के रिक्त पदो की पदोन्नति पदस्थापना की गई एवं शेष रिक्त 55 पदों पर पुनः काउंसलिग के माध्यम से पदस्थापना आदेश जारी किया गया है । परीक्षण उपरांत यह पाया गया कि पदोन्नति हेतु जारी कुल 320 रिक्त पद हेतु जिसमें पदोन्नति की कार्यवाही शासन निर्देशानुसार पूर्ण की गई उक्त 320 पदस्थापना आदेश के विरूद्ध जो 94 पद जिसमें एकल पदस्थापना आदेश जारी किया गया है एवं पदस्थापना परिर्वतन किया गया है, जिसके संबंध में उच्च कार्यालय से किसी प्रकार की अनुमति/अनुमोदन प्राप्त नहीं किया गया है, जो शासन द्वारा जारी पदोन्नति निर्देश की अवहेलना है।”
अतः उक्त पदस्थापना परिर्वतन आदेश पूर्णतः शासन द्वारा जारी पदोन्नति निर्देश के विपरीत पाये जाने के फलस्वरूप नीचे दर्शित प्रधान पाठको का पदस्थापना संशोधन/एकल आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।




