निजी घरों और सरकारी बिल्डिंगों में आई दरार
अवैध बोर ब्लास्टिंग पर माइनिंग सेफ्टी ने कसा शिकंजा,
18 क्रेशर खदानों में मचा हड़कंप, माइनिंग सेफ्टी की जांच में खुला बड़ा राज — नियम विरुद्ध हो रही थी बोर ब्लास्टिंग
चांपा के बिरगहनी क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध बोर ब्लास्टिंग की खबर जब प्रमुखता से सामने आई, तो माइनिंग सेफ्टी विभाग की नींद टूटी। रायगढ़ से आई माइनिंग सेफ्टी टीम ने मौके पर पहुंचकर 18 क्रेशर खदानों की सघन जांच की। जांच के दौरान कई ऐसी खदानें भी पाई गईं जो बंद घोषित होने के बावजूद संचालन में थीं।
ग्रामीणों की शिकायत थी कि भारी विस्फोटों से उनके घरों और आसपास की सरकारी इमारतों में दरारें आ रही हैं। इतना ही नहीं, इन खदानों से उड़ने वाली धूल और कंपन से लोग परेशान हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ खदानें बिना वैध अनुमति के वर्षों से संचालन की जा रही थीं। माइनिंग सेफ्टी की टीम के पहुंचते ही खदान संचालकों में हड़कंप मच गया। अब रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोग कर रहे हैं कड़ी कार्रवाई की मांग, मुआवजे और खदान बंद करने की उठी आवाज।




