दीपका कोल माइंस में सुरक्षा नियमों की धज्जियां!
रात में अंधेरे में काम करने को मजबूर कर्मचारी — लाइटिंग व्यवस्था ठप, प्रबंधन पर उठे सवाल

दीपका/कोरबा।
एसईसीएल दीपका क्षेत्र की कोयला खदानों में कोल माइंस रेगुलेशन (CMR) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। खदान परिसर में खास कर अपर कुसमुंडा और लोअर कुसमुंडा फेस में पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था नहीं होने से रात में मजदूरों और कर्मचारियों को अंधेरे में काम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है, बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
ठेका मजदूरों ने बताया कि रात के समय कई प्वाइंट्स पर लाइट नहीं है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
एक कर्मचारी ने कहा — “जहां कोयला लोडिंग चल रही होती है, वहां पर लाइटिंग बिल्कुल नहीं है। अंधेरे में ट्रक और मशीन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा है।”
जानकारों का कहना है कि कोल माइंस रेगुलेशन, 2017 के तहत रात के समय खदान क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य है। लेकिन दीपका खदान में यह नियम कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों और ठेका मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लाइटिंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रश्न उठता है — क्या एसईसीएल प्रबंधन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है?
सुरक्षा पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी और मजदूरों की जान से खिलवाड़ – दीपका खदान में अब यही “अंधेरी हकीकत” बन गई है।




