तहसीलदारों की हड़ताल शुरू, दफ्तरों में 3 दिनों तक कामकाज रहेंगे ठप्प

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रायपुर। प्रदेश भर में आज से तहसीलदारों की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार हिसस ले रहे हैं। इस हड़ताल के चलते तहसीलों में 3 दिन तक यानी 30 जुलाई तक कोई भी काम नही होंगे। संघ ने 18 जुलाई को ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी थी।

लंबे समय से मांग कर रहे हैं राजस्व के अफसर

दरअसल, लंबे समय से प्रदेश के राजस्व अफसरों की मांग पूरी नहीं की जा रही है. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा पूर्व में भी विभाग एवं शासन को समय-समय पर विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया है. विभाग एवं शासन से संसाधनों की कमी, मानवीय संसाधन, तकनीकी सुविधाएं, सुरक्षा, शासकीय वाहन एवं प्रशासनिक सहयोग जैसी मांगे की गयी है. लेकिन अभी तक मांगों की अनदेखी की जा रही है. जिसके विरोध में आज से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है।

इसके तहत पहले दिन 28 जुलाई को जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन होगा। 29 जुलाई को संभाग स्तर पर सामूहिक अवकाश एवं प्रदर्शन किया जाएगा और 30 जुलाई को प्रदेश स्तर पर सामूहिक अवकाश लेकर राजधानी में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। यदि 30 जुलाई तक तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों समेत सभी राजस्व अफसरों की मांग पूरी नहीं की जाती है तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जायेगा।

शासन ने मांगों पर पहल किये जाने की कही बात

तहसीलदारों के आंदोलन और उनकी मांगों के मद्देनजर राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अरविन्द एक्का ने समस्त कलेक्टरों को पत्र जारी कर किसी भी राजस्व अफसर को अवकाश नहीं देने और अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही यह भी लिखा गया है कि संघ की मांगों के मद्देनजर राजस्व विभाग ने समय-समय पर पत्र लिखकर सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। हालांकि इस संबंध में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके लहरे का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में से कोई भी मांग अब तक पूरी नहीं की गई है। यही वजह है कि तमाम प्रयासों के बाद अब संघ अनोलन शुरू करने जा रहा है।

क्या है 17 सूत्रीय मांग

सभी तहसीलों में स्वीकृत सेटअप की पदस्थापना

सभी तहसीलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, WBN. KGO. नायब नाजिर, माल जमादार भृत्य, वाहन चालक. आदेशिका वाहक राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की पदस्थापना की जाए. यदि संभव न हो तो संबंधित तहसील को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा की बाध्यता से मुक्त किया जाए.

तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति प्रक्रिया

सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात पूर्व की भांति 50:50 रखा जाए और पूर्व में की गई घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए.

नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित करने की मांग

इस आशय की पूर्व घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए.

ग्रेड पे में शीघ्र सुधार

तहसीलदार और नायब तहसीलदार के लंबित ग्रेड पे सुधार को शीघ्र किया जाए.

शासकीय वाहन की उपलब्धता

सभी तहसीलों में कार्यवाही, प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की व्यवस्था हो या वाहन भत्ता प्रदान किया जाए.

निलंबन से बहाली

बिना वैध प्रक्रिया, नियमित आदेश या अभियोजन कार्रवाई से प्रभावित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को 15 दिवस में जांच पूर्ण कर बहाल किया जाए.

न्यायालयीन प्रकरणों में आदेशों का पालन

न्यायालयीन मामलों को जनशिकायत/जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए.

न्यायालयीन आदेशों पर FIR नहीं

न्यायाधीश प्रोटेक्शन act 1985 के सन्दर्भ में शासन दवारा जारी आदेश 2024 का कड़ाई से पालन किया जाये…. हर वो मामला जिसमे अपील का प्रावधान सहिता में निहित हैं तो किसी भी अन्य न्यायालय में परिवाद पेश ना कि जा सके जिससे FIR कि स्थिति ना बने (केवल न्यायालयीन प्रकरण के सन्दर्भ में)

न्यायालय में उपस्थिति हेतु व्यवस्था

न्यायालयीन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रोटोकॉल ड्यूटी से पृथक व्यवस्था की जाए.

मानदेय भुगतान एवं नियुक्ति

आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ की नियुक्ति हेतु तहसीलदार को अधिकृत किया जाए.

प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति

Agristack, स्वामित्व योजना, e-Court. भू-अभिलेख जैसे तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं.

SLR/ASLR की बहाली

तहसीलदारों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए SLR/ASLR को पुनः भू अभिलेखीय कार्यों हेतु बहाल किया जाए.

व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की गोपनीयता.

TI की भांति पदेन शासकीय मोबाइल नंबर और डिवाइस प्रदान किया जाए.

राजस्व न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सुरक्षाकर्मी.

प्रत्येक तहसील में सुरक्षा कर्मी की तैनाती एवं फील्ड भ्रमण हेतु वाहन उपलब्ध कराया जाए.

सड़क दुर्घटना मुआवजा की व्यवस्था

सड़क दुर्घटना में तहसीलदारों के माध्यम से आर्थिक सहायता राशि 25000 तत्काल मौके पर देने की मांग आती है. परंतु तत्काल में राशि उपलब्ध नहीं होती है। उक्त राशि मौके पर दिए जाने के संबंध में शासन से स्पस्ट गाइडलाइन्स जारी हो. इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं में तहसीलदारों से ही मौके पर मुआवजा राशि की अपेक्षा की जाती है. उसके सम्बन्ध में भी गाइडलाइन्स स्पष्ट जारी हो.

संघ की मान्यता

प्रदेश के समस्त तहसीलदार नायब तहसीलदार संघ के सदस्य है. अतः शासन के समक्ष मांगें प्रस्तुत करने व समाधान हेतु वार्ता एवं पत्राचार में संघ को की मान्यता दी जाए.

विशेषज्ञ कमिटी का गठन

प्रदेश में राजस्व न्यायालय के संदर्भ में सलाह व अपनी समस्याओं को प्रस्तुत किये जाने हेतु राजस्व न्यायालय सुदृणी