विकास
के लिए कलेक्टर की कीचड़ का अनोखा सफर
अब बीजापुर की तस्वीर वास्तव में बदलने लगी है।क्योंकि विकास के साथ मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए बीजापुर के कलेक्टर संदीप मिश्रा जिला पंचायत नम्रता चौबे के साथ जिले में इस्थित इंद्रावती नदी के उसे छोर पर पहुंचे थे जहां सरकारी नुमाइंदों के नाम पर सिर्फ सुरक्षा बल के जवान गश्त पर ही जाते थे और अन्य लोगों को उसे इलाके में प्रवेश के लिए नक्सलियों से अनुमति लेनी पड़ती थी।
देश की आजादी के इतिहास में पहली बार बीजापुर में ऐसी तस्वीर देखने को मिली है जब एक IAS अफसर जवानों के साथ कीचड़ से सने रास्तों में कभी पैदल तो कभी मोटरसाइकल से तो कभी ट्रैक्टर से 5 किलोमीटर का कठिन सफर करते हुए ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे और चौपाल में कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी गदगद हो गए और एक सांस में विकास कार्यों की मांग कर दी ग्रामीणों ने तीन गांव में मोबाइल टावर, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, हैंड पंप, के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की मांग की है इधर कलेक्टर समित मिश्रा ने से फोन पर बात करते हुए कहा कि ग्रामीणों की मांगों को एक सप्ताह के अंदर स्वीकृति दे दी जाएगी और बहुत जल्द ही काम भी शुरू कर दिया जाएगा मोबाइल टावर और सड़क निर्माण के लिए सर्वे टीम को उन इलाकों में भेज दिया गया है।
-बता दे की बीजापुर में पदस्थ कलेक्टर आईएएस ऑफिसर संबित मिश्रा पहले ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं जो इंद्रावती के नदी के पार बसे सतवा ,बंगोली और बेलनार पंचायत पहुंचे थे इसके पहले किसी भी अफ़सर ने ग्रामीणों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उस इलाके में जाने का दुस्साहस नहीं किया था कलेक्टर के इस सफर में सबसे अच्छी बात यह भी रही कि उनके साथ बीजापुर में पदस्थ महिला आईएएस ऑफिसर जिला पंचायत CEO नम्रता चौबे भी मौजूद रही है।




