जिले से बजट देती हूं – डीपीओ ने मांगे 50 हजार, परियोजना अधिकारी के आरोप पर ऐसे दी सफाई, विभाग के बाबू शिव शर्मा पर भी लगाया आरोप

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जिले से बजट देती हूं – डीपीओ ने मांगे 50 हजार

परियोजना अधिकारी के आरोप पर ऐसे दी सफाई

कोरबा जिले में कलेक्टर के नियंत्रण में संचालित महिला बाल विकास विभाग इन दिनों जिला कार्यक्रम अधिकारी और कोरबा ग्रामीण की परियोजना अधिकारी के बीच तनातनी को लेकर विवादों में है। दोनों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और महिला बाल विकास मंत्री तक की गई है।

महिला बाल विकास विभाग के कोरबा ग्रामीण परियोजना में पदस्थ अधिकारी ममता तुली का आरोप है कि डीपीओ ने उन्हें समीक्षा बैठक के नाम पर दोपहर को बुलवाया और रात तक परेशान किया बाद में बजट की बात को लेकर 50 हजार रुपए की मांग की गई। इसके अलावा फील्ड विजिट के नाम पर गाड़ी की व्यवस्था करने को भी कहा।

60% निशक्त ममता का आरोप है कि दीर्घ अवकाश की स्वीकृति के मामले को हल करने में भी डीपीओ रुचि नहीं ले रही है, उल्टे कई तरीके से परेशान करने में लगी है। उन्होंने कहा की उनके व्यवहार से स्थिति ऐसी होगी उन्हें ब्रेन हेमरेज तक हो सकता था।

अपने अधीनस्थ परियोजना अधिकारी के आरोप के बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने सफाई में कहां की निश्चित रूप से समीक्षा बैठक में 10 परियोजना के अधिकारी शामिल हुए थे। किसी भी मामले को लेकर 50000 की डिमांड वाली बात नहीं आई। यह भी है कि नोनी बाबू जतन योजना का कामकाज ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं होने को लेकर सवाल किए गए थे और लक्ष्य पिछड़ने की बात कही गई थी परियोजना अधिकारी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

यह बताना आवश्यक होगा कि प्रदेश सरकार ने कोरबा की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश का तबादला कुछ महीने पहले ही बीजापुर के लिए कर दिया है लेकिन कोरबा जिले से उन्हें अब तक रिलीज नहीं किया गया है देखना होगा कि अब नए विवाद के बाद आगे क्या कुछ तस्वीर बनती है