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एसईसीएल दीपका क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और अव्यवस्थाओं पर अब कोल इंडिया के शीर्ष सतर्कता अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है।
कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने दीपका खदान का दौरा कर क्षेत्रीय प्रबंधन को सीधी चेतावनी दी “अब ढिलाई नहीं चलेगी, सतर्कता ही सच्ची सेवा है।”
सीवीओ त्रिपाठी ने दीपका क्षेत्र के विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की और खनन कार्यों की वास्तविक स्थिति की बारीकी से समीक्षा की।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कई बिंदुओं पर नाराजगी भी जताई और साफ कहा कि “प्रबंधन का दायित्व सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जनहित की सुरक्षा भी है।”
“एक पेड़ माँ के नाम” और “एक पेड़ सतर्कता के नाम” अभियान के तहत श्री त्रिपाठी ने नए साइलो परिसर के निकट पौधा लगाया।
इस दौरान उन्होंने पर्यावरण प्रबंधक सुश्री कीर्ति के.जी. से संवाद करते हुए कहा कि “उद्योग में महिलाओं की भूमिका और संवेदनशील दृष्टिकोण सतर्कता को और मजबूत बनाते हैं।”
दीपका, गेवरा, कुसमुंडा और कोरबा क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ संवाद सत्र में श्री त्रिपाठी ने कहा “जो ईमानदारी और निडरता से काम करेगा, वही सच्चा कोल इंडियन कहलाएगा।
भय और पक्षपात छोड़ो, जवाबदेही अपनाओ यही असली सेवा भावना है।”
उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि सतर्कता से समझौता करने वालों पर अब निगरानी और जवाबदेही दोनों तय होंगी।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीवीओ ने दीपका क्षेत्र से लगातार आ रही शिकायतों पर कड़े शब्दों में नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि “संगठन की साख कर्मों से बनती है, और ग़लतियों से गिरती भी है। इसलिए अब हर स्तर पर सतर्कता और पारदर्शिता अनिवार्य होगी।”
इस अवसर पर श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार (निदेशक तकनीकी – संचालन), श्री हिमांशु जैन (मुख्य सतर्कता अधिकारी, एसईसीएल) सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और यह माना जा रहा है कि सीवीओ की सख्ती के बाद दीपका प्रबंधन पर जवाबदेही तय होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।





