भोजली तिहार मनाया गया धूमधाम से
सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है भोजली
छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक भोजली तिहार धूमधाम से मनाया गया। रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाए जाने वाले भोजली तिहार पर भोजली माता से हरियाली और अच्छे फसल की कामना की गई
छत्तीसगढ़ में आदिकाल से चली आ रही परंपरा व संस्कृति का अभिन्न अंग माना जाता है प्रकृति की सेवा को। रक्षाबंधन के ठीक दूसरे दिन भोजली माता की पूजा अर्चना के पश्चात उनका विसर्जन जल स्रोत में किया जाता है। इस वर्ष भी इस परंपरा का निर्वहन धूमधाम से किया गया। कोरबा के तुलसी नगर में भी महिलाएं नहर के तट पर पहुंची और वहां भोजली माता को समर्पित पारंपरिक गीत से माता की आराधना की
तुलसी नगर और गैरवा घाट बस्ती की महिलाओं ने बिजली विसर्जन के पश्चात एक दूसरे को बधाई दी। श्री हनुमान सेवा समिति के पदाधिकारीयो और सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई



